Sunday, October 14, 2018

लसीका परिसंचरण तंत्र एवं उसके कार्य

लसिका ऊतकों तथा कोशिकाओं के बीच स्थित अंतरावकाशओं में पाया जाने वाला हल्का पीला द्रव्य है।
 इसकी संरचना लगभग रक्त और प्लाज्मा जैसी ही होती है इसमें पौष्टिक पदार्थ ऑक्सीजन तथा अन्य कई पदार्थ मौजूद होते हैं।

 लसिका में  लिंफोसाइट्स तथा श्वेत रुधिर कणिकाएं होती है तथा यह ऊतकों से हृदय की ओर एक ही दिशा में परिसंचरण होती है।





लसीका के कार्य - लसिका में उपस्थित लिंफोसाइटस हानिकारक जीवाणुओं का भक्षण कर के रोगों की रोकथाम में सहायक है । यह लिंफोसाइट का निर्माण भी करती है।

 लिंफोनोड शरीर में छन्ने का कार्य करता है। यह घाव भरने में भी सहायक है ।

ऊतकों से शिराओं में विभिन्न वस्तुओं का परिसंचरण भी इसी के द्वारा होता है।

No comments:

Post a Comment

आप इस विषय पर चर्चा ,सुझाव य किसी प्रकार के प्रश्न के लिए सादर आमंत्रित है।
यह पोस्ट अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाने में हमारी मदद करे ।

यथा संभव आप प्रश्न हमारे व्हाट्सएप ग्रुप में पूछे

धन्यवाद ।

रीमान हाइपोथीसिस (Riemann Hypothesis)

रीमान हाइपोथीसिस (Riemann Hypothesis) गणित की दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी अनसुलझी पहेलियों में से एक है। इसे 1859 में बर्नहार्ड रीमान...